शामली में जान का दुश्मन बना जाम

गंभीर रूप से झुलसी लड़की तक नही पहुंच पहुंच पाई एंबुलैंस 

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शामली। इसे जिम्मेदारों की नासमझी कही जाए या फिर अशिक्षा का बोलबाला?…बात अगर शामली में लगने वाले भयंकर जाम की करें, तो दोनों ही बातें सही साबित होती हैं, क्योंकि जनपद की सड़कों पर जाम के हालात धीरे—धीरे ओर विकराल रूप धारण करते नजर आ रहे हैं। हालात इतने बेकार हैं कि यहां सड़कों पर कोई एंबुलैंस तक को रास्ता देने के लिए तैयार नही है। ऊपर से सड़कों पर दिन—रात लगा रहने वाला भयंकर जाम रही सही कसर पूरी कर देता है। जाम के चलते जनपद की सड़कों पर अक्सर फंसी दिखाई देने वाली एंबुलैंस मरीजों तक भी नही पहुंच पा रही है।
शामली जाम होने के चलते जनता की सांसें भी अटकती नजर आती हैं। इसी से जुड़ी कुछ तस्वीरें और हालात ब्यां करने वाली वीडियो मंगलवार की रात लाइव के कैमरे में कैद हुई। हुआ यूं कि थाना आदर्श मंड़ी क्षेत्र के गांव गोमतीपुर में 15 वर्षीय लड़की शिवानी पुत्री प्रेम मंगलवार की शाम घर पर रोशनी के लिए कैरोसीन से जलने वाली डिबिया में तेल डाल रही थी। इसी बीच मिट्टी का तेल उसके कपड़ों पर गिर गया। इससे पहले ही लड़की ने डिबिया में भी आग लगाकर उसे रोशन कर दिया था। इसी के चलते डिबिया की चपेट में आकर उसके कपड़ों में भी आग लग गई। आग लगने से लड़की करीब 90 प्रतिशत आग से झुलस गई। परिजन आनन—फानन में बाइक या अन्य माध्यम से शामली सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद लड़की को गंभीर हालत के चलते जिले से बाहर बर्न सैंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने 108 एंबुलैंस पर कॉल किया, लेकिन एंबुलैंस तकरीबन एक घंटे तक शामली की सड़कों पर जाम में फंसी रही। रास्ता नही मिलने पर एंबुलैंस के स्टॉफ ने हाथ खड़े करते हुए तिमारदारों को ही हास्पिटल से स्ट्रेचर लेकर लड़की को एंबुलैंस तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंप दी। इसके बाद परिजन लड़की को गंभीर हालत में स्ट्रेचर के साथ जनपद की सड़कों पर दौड़ लगाते नजर आए। गौरतलब है कि जनपद की सड़कों पर दिन और रात के समय भीषण जाम लगा रहता है। जाम की समस्या से पार पाने में जिला प्रशासन पूरी तरह से विफल नजर आ रहा है। इसके अलावा अशिक्षा की वजह से भी जनपद की सड़कों पर एंबुलैंस को रास्ता देने में कम ही लोग रूची लेते नजर आते हैं। ऐसे हालातों में जागरूक नागरिकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वें लोगों को इस ओर जागरूक करें, ताकि एंबुलैंस को रास्ता मिले और समय से लोगों की जान बचाई जा सके।

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