शामली में सीएमओ की पलटन हुई बेकाबू

जिनकी सेवा के लिए मिली नौकरी उन्हीं का कर रहे अपमान

2 1,999

मरीज से अभद्रता का वीडियो पहुंचा हिंद न्यूज टुड़े के पास

शामली। कहतें हैं कि जब पलटन पर मुखिया का काबू ना हो, तो वह बेकाबू हो जाती है। ऐसी बेकाबू पलटन से मानवाधिका​रों के हनन का खतरा भी बढ़ जाता है, क्योंकि उसपर लगाम ही नही है। ऐसा ही कुछ इन दिनों शामली जिले के स्वास्थ्य महकमें के साथ होता नजर आ रहा है। हिंद टुडे के हाथ ऐसी वीडियो लगी है, जिससे यह पता चल रहा है कि स्वास्थ्य विभाग की पलटन सीएमओ साहब के काबू से बाहर है, तभी वह उन गरीब लोगों की सेवा करने से इंकार कर रहे हैं, जिनकी खातिर उन्हें नौकरी मिली है। इतना ही नही स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों को कहीं पर भी शिकायत करने की धमकी दे रहे हैं।

शिकायत कर लो…कुछ उखाड़ नही पाओगे
वैसे तो स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों और कर्मचारियों द्वारा अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों से अभद्रता आम सी बात है, लेकिन यह अभद्रता यदि कैमरे में कैद हो जाए, तो उसके मायने बढ़ जाते हैं। और.. यदि स्वास्थ्य कर्मचारी कैमरे पर होने के बावजूद भी इस बात की तड़ी दे रहा हो कि उसका कोई कुछ नही बिगाड़ पाएगा, तो इसका सीधा मतलब यह है कि अधिकारियों ने महकमें के कर्मचारियों से अपना कंट्रोल खो दिया है, जिसके चलते वें अब मनमानी पर उतर आए हैं।

क्या है पूरा मामला?
हिंद न्यूज टुड़े के पास पहुंचा यह वीडियो कैराना क्षेत्र उंचा गांव का बताया जा रहा है। वीडियो में एक ग्रामीण अपने बच्चे को गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचता है। ग्रामीण के अनुसार उसके बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद वह रैबीज और टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा था, लेकिन वहां पर तैनात आदेश नाम के स्वास्थ्य कर्मचारी (फार्मासिस्ट) ने परिजन और बच्चे से अभद्रता करते हुए इंजेक्शन लगाने से इंकार कर दिया। पीडितों के अनुसार इसके बाद स्वास्थ्य कर्मचारी तय समय से पहले 12 बजे ही उप स्वास्थ्यकेंद्र का ताला लगाकर चलने लगा। पीडितों ने जब आरोपी स्वास्थ्यकर्मी की वीेडियो बनाई, तो उसने सीना चौड़ा कर कहा कि चाहे वीडियो बनाओ, या कुछ ओर, कोई भी उसका कुछ नही बिगाड़ पाएगा।

देखें वीडियो—

बड़ा सवाल— ? क्या गरीबों की बेईज्जती को मिली नौकरी
आम तौर पर देखा जाए, जिले के तो सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों पर अभी तक इतनी सुविधाएं भी उपलब्ध नही हो पाई है कि वहां आम रोगों का उपचार भी सही तरह से हो सके। इसके अलावा गंभीर मरीजों के लिए तो यें स्वास्थ्य केंद्र मात्र रेफर सैंटर बन चुके हैं, क्योंकि जिले में अभी तक जिला अस्पताल अस्तित्व में नही आ पाया है। यह भी सच है कि अमीर और मध्यमवर्गीय लोग इन सरकारी अस्पतालों में ठोकरें खाने के बजाय प्राईवेट में उपचार करा लेते है, लेकिन गरीब लोग ही हैं, जिन्हें इन अस्पतालों की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है। सीधे—सीधे शब्दों में इन अस्पतालों में काम करने वाले डाक्टरों और कर्मचारियों को गरीबों की सेवा के लिए ही नौकरी मिली है, लेकिन वें अस्पताल में बैठकर गरीबों को बेईज्जत करने का कोई मौका नही छोड़ते हैं। ऐसे लोगों से गरीब जनता का केवल एक ही बड़ा सवाल है कि क्या उन्हें गरीबों की बेईज्जती करने के लिए नौकरी मिली है?

हिंद टुड़े ने सीएमओ तक पहुंचाई शिकायत
सरकारी अस्पतालों में यदि सुविधाएं नही हैं, तो स्वास्थ्यकर्मचारियों को गरीब लोगों से अभद्रता करने का हक आखिरकार किसने दिया? इस सवाल के साथ हिंद न्यूज टुड़े की टीम ने पूरे मामले को सीएमओ संजय भटनागर के समक्ष रखा। सीएमओ ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद सबसे पहले संबंधित वीडियो देखने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद उन्हें कहा कि वें स्वयं इस प्रकरण की मॉनिटरिंग करेंगे। सीएमओ ने बताया कि मरीजों से अभद्रता करना बिल्कुल सही नही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में गाइड लाइन भी जारी की जा चुकी है।

हिंद टुडे की प्रतिक्रिया…
आजकल एक नारा सबसे ज्यादा प्रचलित है, वह है कि मेरा देश बदल रहा है, लेकिन यदि स्वास्थ्य महकमें के हालातों को देखा जाए, तो वह हैरान कर देने वाले हैं। शामली जनपद के सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को तो स्वास्थ्यकर्मी बोझ के रूप में देखते हैं, लेकिन ऐसे लोगों को यह बात जिंतनी जल्दी समझ में आए जाए उतनी ही सही है कि उन्हें यह नौकरी गरीबों की सेवा के लिए ही मिली है, अमीर लोग तो प्राईवेट अस्पतालों में अपना ईलाज कराते हैं, जहां के स्वास्थ्यकर्मी दस बार उनके आगे पीछे चक्कर काटते हैं। गलती होने पर उलटे स्वास्थ्यकर्मियों और डाक्टरों को सुननी पड़ती है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों द्वारा जो मान—सम्मान डाक्टरों और कर्मचारियों को मिलता है, उसे बनाए रखने के लिए खुद के व्यवहार में भी सुधार करने की जरूरत है।
— पंकज वालिया
चीफ एडिटर (हिंद न्यूज टुडे)

2 Comments
  1. जगदेव सिंह says

    बहुत सुंदर शैली में लिखा है आपने। सरकारी कार्यालयों में, सरकारी कर्मचारियों द्वारा इससे भी अभद्र व्यवहार होता है। पिछली सरकारों के बिगड़े हुए हैं लेकिन अभी की सरकार की नीतियां भी इनके लिए कुछ नहीं कर सकी है।
    आपने हिन्द टूडे के माध्यम से इस बात को बड़ी मजबूती से उठाया है, आपको कोटि-कोटि नमन ,साधुवाद!

  2. Mohit says

    शामली CMO खुद भरषट है। शामली की जनता जो इतनी परेशान हो रही है वो सब CMO साहब की मेहरबानी से है।
    अमरनाथ यात्रा का मेङिकल प्रमाण पत्र जो की फ्री बनाया जाता है उसके लिये भी CMO साहब अपने ऑफिस की मोहर लगाने हेतू पैसे बैक मे जमा करने को कहते है। इतनी परेशानी के बावजूद अमरनाथ यात्री मेरठ जा रहे है।
    शामली CMO निकम्मा अफसर है। 7017920758

Leave A Reply

Your email address will not be published.