अपनों की साजिश के दांव-पेंच में उलझे पहलवान

साम्प्रदायिकता पर कुठाराघात जरूरी...पर निर्दोष को न मिले सजा

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छह जून को मोमोज खाने को लेकर शुरू हुए विवाद ने जैसे ही भीड़ तंत्र की बदौलत साम्प्रदायिकता की ओर चलना शुरू किया, तो मामले ने तूल पकड़ लिया। भीड़ ने पुलिस पर भी हमला किया, लेकिन इस पूरे प्रकरण में खास बात यह रही कि कुछ लोगों ने मामले को भुनाने के लिए अपनों के खिलाफ ही साजिश रच डाली, आज उसी साजिश से हिंद टुडे पर्दा उठाने वाला है।

  • क्या था पूरा मामला ?
    शहर के बड़ा बाजार में छह जून को एक दूसरे से पहले मोमोज खाने के विवाद में दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। इत्तेफाक से एक पक्ष मुस्लिम और दूसरा पक्ष हिंदू बिरादरी से था। कहासुनी के बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से आई 50—60 लोगों की भीड़ ने दूसरे पक्ष के युवकों की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन पुलिस पर भी हमला कर वर्दी फाड़ दी गई थी। इस घटना के बाद असल खेल शुरू हुआ, जहां कुछ लोगों ने मामले में अपनी रंजिश निकालने के लिए कुछ ऐसे लोगों के नाम भी वारदात में शामिल करा दिए, जो मौके पर मौजूद ही नही थे। इनमें से एक प्रमुख नाम सपा नेता राशिद पहलवान का बताया जा रहा है, जिनके पक्ष में कुछ लोग सोशल मीडिया पर न्याय भी मांगते नजर आ रहे हैं।

     

  • आखिर किसने रची साजिश?
    मामले में निर्दोषों को फंसाने वाले कोई ओर नही कुछ अपने ही बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर राशिद पहलवान के पक्ष में लोग तर्क—विर्तक कर रहे हैं, लेकिन हिंद टुड़े को मिली जानकारी के अनुसार उन्हें फंसाने की साजिश में उनके कुछ अपने ही शामिल बताए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि आरोपी राशिद को मामले में घसीटकर स्वयं की मजबूत पैरवी का रास्ता तैयार कर सकें। इसी के चलते निर्दोष नामजदगी कराने वालों में कुछ अपनों की ही भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

     

  • राशिद ने अधिकारियों से मांगा न्याय
    मामले में सपा नेता राशिद पहलवान ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में राशिद ने मुकदमें की निष्पक्षता से जांच पड़ताल कराते हुए न्याय दिलाने की मांग की है। राशिद पहलवान ने बताया कि मामले में पूरी तरह से निर्दोष हैं, यदि निष्पक्ष जांच पड़ताल में उनकी कोई संलिप्तता उजागर होती है, तो वें सख्त से सख्त कार्रवाई के लिए भी तैयार हैं।

     

  • पुलिस जांच का करना होगा इंतजार…
    अभी पूरे मामले में पुलिस की जांच पड़ताल चल रही है। हिंद टुड़े न्यूज की यह रिपोर्ट पुलिस की कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप किए बगैर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर तैयार की गई है। जनता के साथ—साथ हमें भी शामली जनपद पुलिस और सरकार की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है।

हिंद टुड़े की प्रतिक्रिया…
पूर्व की सपा सरकार में निर्दोषों की फर्जी नामजदगी के चलते जो माहौल बना, वह चुनावी परिणामों के रूप में सरकार के सीधे उलट दिखाई दिया। सपा सरकार की अपेक्षा भाजपा सरकार इस तरह के मामलों में निष्पक्षता भरी कार्रवाई करती नजर आती है, इसी के चलते पूर्व की सरकार में डरी सहमी रहने वाली जनता को अब सुलभ न्याय मिलना शुरू हो गया है। कई बार मुकदमों में रंजिश और राजनीति के चलते कई निर्दोषों की नामजदगी भी हो जाती है। हिंद टुड़े शामली जनपद पुलिस से ऐसे मामलों में निष्पक्षता भरी कार्रवाई की पैरवी करता है, ताकि किसी भी निर्दोष को बगैर दोष के सजा न मिलने पाए।
चीफ एडिटर :— पंकज वालिया
हिंद टुड़े न्यूज

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