गौवंशों की बेकर्दी, मुश्किल में ना आ जाए योगी सरकार

सरकार के खिलाफ माहौल बना रही मातहतों को निरंकुशता

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महीनों गुजरने के बाद भी भूखे, प्यासे और बीमार नजर आ रहे गौवंश

प्रदेश की भगवा सरकार और शामली के कर्तव्यनिष्ठ जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की मंशा के खिलाफ बार—बार सख्त आदेश जारी करने के बावजूद भी गौवंशों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदार मातहत गंभीर नजर नही आ रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि गौवंशों की बेकर्दी सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करती नजर आ रही है, क्योंकि जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारियां तक निभाने के लिए तैयार नही हैं। ऐसे में जनपद में विभिन्न स्थानों पर रोजाना गौवंशों के हालात ब्यां करने के मामले सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।

शामली: प्रदेश में भगवा सरकार बनने के बाद योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद सौंपा गया था। संत शैली के अनुरूप कार्य करते हुए उन्होंने गौवंशों के संरक्षण के लिए विशेष आ​देश भी जारी किए थे, ऐसा गौवंशों के अवैध कटान को रोकने के लिए किया गया था। इस आदेश के बाद गौवंशों के निर्भीक होकर विचरण करने से किसानों को फसलों के नुकसान पहुंचने के कारण सरकार ने सभी जनपद में गौ आश्रय स्थल बनवाने के लिए बजट भी जारी किया था। इतना ही नही गौवंशों के सही रख—रखाव और चारा—पानी की व्यवस्था के लिए भी सरकार द्वारा अलग से बजट जारी किया जा रहा है, लेकिन मातहतों की कारगुजारियों की वजह से शामली जनपद में सरकार के सभी आदेशों की खिल्ली उड़ती नजर आ रही हैं। जनपद के डीएम अखिलेश सिंह कई बार ​जिम्मेदार लोगों की विशेष बैठकें लेकर गौवंशों के संरक्षण से संबंधित सख्त आदेश जारी कर चुके हैं। डीएम साहब गौवंशों की फजीहत को लेकर खासे गंभीर है, लेकिन जिन लोगों को संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनकी उदासीनता सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करने का काम कर रही है।आज भी सड़क पर रोजाना मर रहे गौवंश
सरकार द्वारा सड़कों पर आवारा घूमने वाले और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले गौवंशों को गौ आश्रय स्थलों पर संरक्षित करने के आदेश जारी किए थे। बाकायदा जिले में विभिन्न स्थानों पर गौ आश्रय स्थल पर भी बनवाए गए थे, लेकिन हालात यह है कि बेकर्दी के चलते इन आश्रय स्थलों पर भी गौवंश भूखे—प्यासे, तड़फते हुए देखे जा सकते हैं। यहां तक कि कई आश्रय स्थलों से गौवंशों या तो भाग चुके हैं, या फिर उन्हें रातो—रात बाहर निकाल दिया गया है।

 

बारिश में बीमार हो रहे गौवंश
एक दिन पूर्व जनपद के बाबरी से मन को विचलित करने वाली तस्वीरें निकल कर आई। यहां पर ग्रामीणों ने कुछ दिनों पहले शमशान भूमि में 89 आवारा गौवंशों को बंद कर दिया था। अधिकारियों ने इन गौवंशों की देखभाल के लिए जिम्मेदार लोगों को निर्देशित किया था, लेकिन उन्हें चारा तक नसीब नही हो पाया। शमशान भूमि में बारिश की वजह से कीचड़ और दलदल में फंसे गौवंशों के बेहोश होकर गिरने की तस्वीरें भी सामने आई। मामले की शिकायत लोगों ने अधिकारियों से की, जिसके बाद इन गौवंशों को यहां से निकालकर आश्रय स्थलों तक पहुंचाया गया। जिले के अन्य आश्रय स्थलों में भी पर्याप्त सुविधाएं और समय पर चारा—पानी की व्यवस्था नही होने के चलते गौवंश बुरी हालत में नजर आ रहे हैं।

 

इन्होंने कहा—
बाबरी की शमशान भूमि में गौवंशों की बेकर्दी की सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे बीडीओ डा. पंकज कुमार ने बताया कि बीमार गौवंशों का उपचार कराने के बाद 13 गौवंशों को बनत स्थित आश्रय स्थल और 79 गौवंशों को बाबरी के ही वृहद गौवंश आश्रय स्थल पर भिजवा दिया गया है। दूसरी ओर ,  मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजेश सैनी ने न्यूज हिंद टुडे को बताया कि सभी गौवंशों की हालत सही है। बीमार गौवंशों को उपचार देने के बाद अन्यत्र स्थानांतरित करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही वृहद गौवंश स्थलों का सही संचालन शुरू होने पर गौवंशों संबंधित समस्याएं खत्म होती नजर आएंगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि बाबरी से संबंधित सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं निराधार हैं, सभी गौवंश सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी पंकज कुमार के नेतृत्व में उनकी देखभाल हो रही है।

 

हिंद न्यूज टुडे की प्रतिक्रिया
प्रदेश सरकार और जिलाधिकारी भले ही शामली जनपद में गौवंशों के संरक्षण के लिए बेहद गंभीर हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आदेशों का पालन सही तरह से नही होने के चलते चारों तरफ गौवंशों की बेकर्दी होती नजर आ रही है। गौवंश सड़कों पर अभी भी आवारा घूम रहे हैं, किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जो गौवंश आश्रय स्थलों मे भेजे गए हैं, वें पर्याप्त चारा—पानी नही मिलने की वजह से अकाल मौत मारे जा रहे हैं। हालातों पर यदि समय रहते काबू नही पाया गया, तो गौवंशों के प्रति गंभीर सरकार के लिए गौवंश की परेशानी ही माहौल तैयार करती नजर आने वाली है।

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