हारकर भी जीत गए नाहिद हसन

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 बीजेपी दुकानदारों से सामान नही खरीदने की अपील करने वाले सपा विधायक नाहिद हसन के खिलाफ भले ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया हो, लेकिन राजनीति के मायनों में यह उनकी हार नही बल्कि जीत है, क्योंकि अपने ब्यानों से वें उन लोगों की सहानुभूति बंटोरने में कामयाब हुए हैं, जिनके बूते पर वें चुनाव लड़ते हैं।

वीडियो के जरिए बिछी राजनीति की बिसात
वीडियो वायरल प्रकरण में पुलिस की जांच में यह माना गया है कि यह वीडियो स्वयं विधायक की मर्जी से वायरल की गई थी। इससे यह सिद्ध होता है कि विधायक वीडियो के वायरल होने के बाद उसके परिणामों से भी वाकिफ जरूर होंगे। मामला बढ़ने के बावजूद भी विधायक लखनऊ तक में अपने ब्यानों पर अड़े रहे। वीडियो वायरल होने के बाद भले ही विधायक के ब्यान कानून की नजरों में अपराध साबित होते हैं, लेकिन राजनीति के मायनों में उन्होंने कम प्रयासों में बड़ी सफलता हासिल कर ली है, क्योंकि कैराना का वोट बैंक अब विधायक के पक्ष में खड़ा होता नजर आ रहा है।सोशल मीडिया को बनाया सहारा
विधायक की वीडियो वायरल होने के बाद मीडिया ने इस मामले को हाथों हाथ ले लिया। इसका सीधा फायदा विधायक नाहिद हसन को मिला। कोई बड़ा राजनैतिक दांव या विकास कार्य किए बगैर ही विधायक ने राजनैतिक मायनों में जो जीत हासिल की है, उसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया को हथियार बनाया। इसके बाद पूरा मामला तूल पकड़ गया।नजदीकियों ने ही वायरल की वीडियो
विधायक के विवादित ब्यान की वीडियों उनके कुछ नजदीकियों ने ही बनाकर वायरल की। इससे यह भी प्रतीत होता है कि वीडियो वायरल करने का प्लान पहले से ही सुनियोजित था, जिसमें विधायक की सहमति जरूर थी, नही तो उनके नजदीकी वीडियो को वायरल करने की हिमाकत नही करते। खास बात यह भी है कि इस मामले में पुलिस ने वीडियो वायरल करने वाले लोगों से पूछताछ करना भी गंवारा नही समझा।

 

हिंद टुडे की प्रतिक्रिया—
राष्ट्र और धर्म के लिए कुछ भी कर गुजरने वाले लोग अक्सर इतिहास बनाते नजर आते हैं। हम ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे है कि फिलहाल लोगों में ऐसी मानसिकता कम ही देखने को मिलती है। अब तो सिर्फ फायदे की लड़ाई होती है। सपा विधायक नाहिद हसन के मामले की सच्चाई जो भी हो, लेकिन यह भी सच है कि उन्होंने अपने लोगों के हित के लिए आवाज उठाई है, ऐसा हौसला कम ही लोग कर पाते हैं। लोग फायदे के लिए धर्म के ठेकेदार तो बनकर बैठ जाते हैं, लेकिन आवाज उठाना हर किसी के बस की बात नही है। नाहिद द्वारा उठाया गया कदम कानून गलत है, लेकिन राजनीति के लिहाज से इसे गलत नही ठहराया जा सकता। अपने ब्यान से वें उन लोगों की सहानुभूति बटोरने में कामयाब हुए हैं, जिनके दम पर चुनाव लड़ते हैं, क्या ऐसा सभी नेता कर सकते हैं, जवाब आप खुद दें, तो अच्छा रहेगा।
— पंकज वालिया, एडिटर इन चीफ हिंद टुडे न्यूज

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