बांटने वालों के मुंह पर तमाचा, इन भाईयों ने दो मुस्लिम बहनों की बचाई जान

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आज समाज को धार्मिकता और जातिवाद के चश्में में बांटने की कोशिशें हो रही हैं. यह सब कुछ राजनीति का किया धरा है, लेकिन इंसानियत ऐसी सभी कोशिशों पर पानी फेर रही है। शामली में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिली, जब दो मुस्लिम बहनों की जान बचाने के लिए भाईयों की कतार लग गई।

रक्तदान करते समाजसेवी आबिद सैफी

क्या है पूरा मामला?
गुरूवार को शामली जिले में दो मुस्लिम बहनों को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. खून की कमीं के चलते उनकी जान पर बन आई थी. ऐसे में शामली जिले में प्रचलित ब्लड ग्रुप शामली के नाम से प्रचलित व्हाट्सअप ग्रुप उनके लिए मद्दगार साबित हुआ। समाजसेवी आबिद सैफी द्वारा इस ग्रुप पर ब्लड़ डोनेट की अपील की गई, तो मुस्लिम बहनों के लिए खून देने वाले हिंदू भाईयों की कतार लग गई।

मुस्लिम बहन को ब्लड डोनेट करते सिपाही संदीप कुमार

केस नंबर 1: सिपाही संदीप मिनटों में पहुंच गए अस्पताल
शामली के मोहल्ला हाजीपुरा निवासी अनीस की 20 साल की बेटी निशा सैफी को काफी दिनों से बुखार आ रहा था। बेटी को चिंताजनक हालत में शहर के अनवर नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जांच पड़ताल के बाद पता चला कि निशा को तीन यूनिट बी पाजिटिव रक्त ग्रुप की बहुत सख्त जरूरत है। बुखार की वजह से शरीर में ब्लड यूनिट बहुम कम हो गई है। पीडित परिवार का दर्द समाजसेवी आबिद सैफी के कानों तक पहुंचा, तो उन्होंने ब्लड ग्रुप शामली के नाम से प्रचलित व्हाट्सअप ग्रुप पर मैसिज के माध्यम से ब्लड डोनेट की अपील की। इस दौरान परिवार द्वारा अपने प्रयासों से ब्लड़ का इंतेजाम किया गया। कुछ ही समय में कैराना एसडीएम के यहां तैनात यूपी पुलिस के सिपाही संदीप कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने एक यूनिट ब्लड डोनेट किया, जबकि एक यूनिट ब्लड आबिद सैफी द्वारा डोनेट किया गया।

ब्लड डोनेट करते व्यापारी रोहित जैन

केस नंबर 2: व्यापारी रोहित जैन की वजह से जीती जिंदगी
गुलशाना नाम की एक महिला जोकि बिराल की रहने वाली हैं, उन्हें भी डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुलशाना में खून की कमीं के चलते डिलीवरी में जोखिम था, इसके लिए डाक्टरों द्वारा परिजनों को दो यूनिट एक निगेटिव ब्लड लाने के लिए कहा गया था। परिजनों ने एक यूनिट का पानीपत से इंतेजाम किया, वहीं ब्लड ग्रुप शामली व्हाट्स ग्रुप पर मैसेज प्रसारित होने के फौरन बाद व्यापारी रोहित जैन फौरन अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने ब्लड डोनेट कर बहन गुलशाना की जान बचाई।

परिजनों ने जताया आभार
मुश्किलों में फौरन तेजी के साथ मद्द मिलने पर दोनों परिवारों ने समाजसेवी आबिद सैफी और ब्लड ग्रुप शामली व्हाट्सअप ग्रुप के सभी सदस्यों का आभार जताया। ग्रुप के प्रयासों में भविष्य में मद्द देने का आश्वासन भी परिजनों द्वारा दिया गया।

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